एसिड रिफ्लक्स, जिसे गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) भी कहा जाता है, एक ऐसी समस्या है जिसमें पेट में मौजूद अम्ल भोजन नली में आ जाता है, जिससे सीने में जलन, गले में खटास, और पेट में भारीपन जैसी समस्याएं होती हैं। आयुर्वेद में एसिड रिफ्लक्स को अम्ल पित्त दोष के रूप में माना जाता है। यह समस्या अधिकतर अस्वास्थ्यकर जीवनशैली, खानपान में अनियमितता, और पाचन तंत्र की कमजोरी के कारण होती है। लेकिन आयुर्वेद में एसिड रिफ्लक्स की आयुर्वेदिक दवा patanjali (acid reflux ki dawa) जैसी समस्याओं के लिए कुछ विशेष जड़ी-बूटियों का उपयोग करके दवाएं तैयार करती है जो बिना किसी साइड इफेक्ट्स के राहत प्रदान करती हैं।

एसिड रिफ्लक्स क्या है
एसिड रिफ्लक्स एक पाचन संबंधी समस्या है जिसमें पेट का अम्ल वापस भोजन नली (इसोफेगस) में चला जाता है, जिससे सीने में जलन, गले में खटास, और कभी-कभी खांसी या गले में दर्द जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। आमतौर पर यह स्थिति तब होती है जब पेट और भोजन नली के बीच की मांसपेशी (लोअर इसोफेगल स्फिंक्टर) कमजोर हो जाती है या सही तरीके से बंद नहीं होती, जिससे पेट का अम्ल ऊपर की ओर आने लगता है। एसिड रिफ्लक्स का कारण अधिक मसालेदार भोजन, तला हुआ खाना, ज्यादा मात्रा में खाना, अनियमित दिनचर्या, तनाव, या पेट में एसिड के बढ़ने जैसी आदतें होती हैं।
एसिड रिफ्लक्स के नुकसान
एसिड रिफ्लक्स एक आम समस्या हैं यह होने से कई प्रकार के नुकसान होते हैं, हमने यहां एसिड रिफ्लक्स के कुछ सामान्य नुकसान के बारे में माहिती प्रदान कि हैं।
- भोजन निगलने में कठिनाई।
- भोजन नली में घाव या सूजन।
- दांतों के इनेमल का नुकसान।
- लगातार खांसी और गले में दर्द।
- सीने में जलन और गले में खटास।
- गले में खराश और आवाज में बदलाव।
- गंभीर मामलों में, एसोफैगस कैंसर का खतरा।
एसिड रिफ्लक्स की आयुर्वेदिक दवा patanjali : Acid reflux ki dawa
पतंजलि आयुर्वेद एसिड रिफ्लक्स जैसी समस्याओं के लिए कुछ विशेष जड़ी-बूटियों का उपयोग करके दवाएं तैयार कि गई है जो बिना किसी साइड इफेक्ट्स के राहत प्रदान करती हैं। इन दवाओं का मुख्य उद्देश्य पेट की अम्लता को नियंत्रित करना और पाचन तंत्र को मजबूत बनाना होता है। यहां एसिड रिफ्लक्स के लिए पतंजलि द्वारा प्रस्तुत कुछ प्रमुख आयुर्वेदिक उपचार दिए गए हैं जो नीचे मुजब हैं।
Divya Avipattikar Churna – एसिड रिफ्लक्स की आयुर्वेदिक दवा patanjali
अविपत्तिकर चूर्ण पतंजलि की एक बहुत फायदेमंद आयुर्वेदिक दवा है जो एसिड रिफ्लक्स और पाचन संबंधी समस्याओं में राहत देती है। इसे मुख्य रूप से अम्लपित्त दोष को संतुलित करने के लिए उपयोग किया जाता है। इसमें हरड़, बहेड़ा, आंवला, सोंठ, काली मिर्च, पिपली, लौंग, और इलायची जैसी औषधियां शामिल हैं जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाती हैं, पेट में जलन को कम करती हैं और अम्लता को नियंत्रित करती हैं। अविपत्तिकर चूर्ण का सेवन भोजन के बाद गुनगुने पानी के साथ किया जाता है, लेकिन इसे लेने से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेना आवश्यक है।
Divya Mukta Pishti – एसिड रिफ्लक्स की आयुर्वेदिक दवा patanjali
दिव्य मुक्ता पिष्टी बहुत लाभकारी आयुर्वेदिक दवा है, जो एसिड रिफ्लक्स और पेट की अम्लता को नियंत्रित करने में फायदेमंद होती है। यह शुद्ध मोती (मुक्ता) से बनाई जाती है, जो शरीर को ठंडक पहुंचाने और पाचन तंत्र को मजबूत करने के लिए प्रसिद्ध है। दिव्य मुक्ता पिष्टी पेट में जलन और खटास को शांत करती है, साथ ही यह अम्लता को संतुलित करने में मदद करती है। इसका सेवन गुनगुने पानी या शहद के साथ किया जाता है, लेकिन इसके उपयोग से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेना आवश्यक होता है।
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Divya Giloy Sat – एसिड रिफ्लक्स की आयुर्वेदिक दवा patanjali
दिव्य गिलोय सत्व पतंजलि की एक प्राकृतिक आयुर्वेदिक दवा है, जो एसिड रिफ्लक्स और पाचन समस्याओं में राहत देने में लाभकारी है। गिलोय सत्व में एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो पेट की अम्लता को नियंत्रित करने में मदद करते हैं और पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाते हैं। इसका सेवन पेट की जलन, खटास, और गैस्ट्रिक समस्याओं को कम करता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। इसे पानी के साथ सुबह-शाम लिया जाता है, लेकिन बेहतर परिणामों के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेना लाभदायक होता है।
दिव्य पित्तशमक वटी – एसिड रिफ्लक्स की आयुर्वेदिक दवा patanjali
दिव्य पित्तशमक वटी पतंजलि की एक आयुर्वेदिक दवा है, जो विशेष रूप से एसिड रिफ्लक्स और अम्लता को नियंत्रित करने के लिए बनाई गई है। इस वटी में पित्त को संतुलित करने वाले प्राकृतिक तत्व होते हैं, जो पेट की अम्लता को कम करके पाचन तंत्र को राहत प्रदान करते हैं। इसके सेवन से सीने में जलन, गले में खटास, और पेट की भारीपन जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। दिव्य पित्तशमक वटी का सेवन भोजन के बाद गुनगुने पानी के साथ किया जाता है। हालांकि, इसे लेने से पहले किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श करना आवश्यक है, ताकि इसका सही लाभ मिल सके।
त्रिफला चूर्ण – एसिड रिफ्लक्स की आयुर्वेदिक दवा patanjali
त्रिफला चूर्ण पतंजलि की बहुत प्रसिद्ध आयुर्वेदिक दवा है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने और एसिड रिफ्लक्स जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद करती है। यह चूर्ण तीन प्रमुख जड़ी-बूटियों – हरड़, बहेड़ा और आंवला – से बनाया जाता है, जो पेट की अम्लता को संतुलित करती हैं और आंतों को साफ रखने में मदद करती हैं। त्रिफला चूर्ण का सेवन पेट की जलन, कब्ज और गैस की समस्याओं को दूर करता है। इसे रात में सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ लिया जाता है, जिससे पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और एसिड रिफ्लक्स से राहत मिलती है।
Divya Acidogrit 60 N – एसिड रिफ्लक्स की आयुर्वेदिक दवा patanjali
दिव्य ऐसिडोग्रिट 60 टैबलेट्स पतंजलि की एक आयुर्वेदिक दवा है, जो एसिड रिफ्लक्स और पाचन संबंधित समस्याओं में राहत देने के लिए बनाई गई है। यह टैबलेट्स पेट में अम्लता को संतुलित करने, सीने में जलन को कम करने और पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद करती हैं। इसके घटक जैसे हरड़, बहेड़ा, आंवला और सोंठ पाचन क्रिया को सुधारते हैं और गैस्ट्रिक समस्याओं को दूर करते हैं। दिव्य ऐसिडोग्रिट का नियमित सेवन एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों को कम करने में फायदेमंद होता है। इसे भोजन के बाद गुनगुने पानी के साथ लिया जाता है।
एसिड रिफ्लक्स के घरेलू उपाय
एसिड रिफ्लक्स एक आम पाचन समस्या है, यदि आपको भी एसिड रिफ्लक्स की समस्या हल्के स्तर पर हो, तो इसके लिए कई घरेलू उपाय मौजूद हैं जो प्रभावी रूप से राहत दिलाने में फायदेमंद होते हैं। इन उपायों का उपयोग करने से पहले यदि समस्या गंभीर हो, तो चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है।

1. सादा और हल्का भोजन करें
एसिड रिफ्लक्स से राहत पाने के लिए सबसे पहले अपनी डाइट को संतुलित करना जरूरी है। तला हुआ, मसालेदार, और भारी भोजन एसिड रिफ्लक्स को बढ़ाते हैं, इसलिए इनसे बचना चाहिए। इसके बजाय, हल्का और सादा भोजन जैसे दलिया, खिचड़ी, उबली हुई सब्जियां, और सूप शामिल करें। इससे पाचन में मदद मिलती है और पेट पर दबाव कम होता है।
2. सौंफ और जीरा का सेवन
सौंफ और जीरा दोनों ही पाचन को बेहतर बनाने वाले आयुर्वेदिक उपाय हैं। सौंफ पेट की गैस को कम करती है और पाचन को संतुलित करती है। जीरा भी पेट में अम्लता को कम करने में मदद करता है। आप सौंफ और जीरे का पाउडर बना कर उसे गर्म पानी के साथ पी सकते हैं या भोजन के बाद चबा सकते हैं। यह एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।
3. अदरक का सेवन
अदरक में प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी और पाचन गुण होते हैं जो पेट की अम्लता को शांत करने में मदद करते हैं। आप अदरक की छोटी सी मात्रा को ताजे रूप में चबा सकते हैं या अदरक की चाय बना कर पी सकते हैं। यह पाचन को उत्तेजित करता है और एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों को कम करता है।
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4. बादाम का सेवन
बादाम एसिड रिफ्लक्स के लिए एक प्राकृतिक उपाय होता है। इसमें हेल्दी फैट्स और फाइबर होते हैं, जो पाचन को बेहतर बनाते हैं और पेट की अम्लता को नियंत्रित करते हैं। आप कुछ बादाम रोज़ सुबह खाली पेट खाते हैं या रात में पानी में भिगोकर रखते हैं और इसे सुबह खाते हैं।
5. सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar)
सेब का सिरका एसिड रिफ्लक्स में फायदेमंद होता है, हालांकि यह एक अजीब उपाय लगता है। इसके सेवन से पेट का pH संतुलित होता है, जो अम्लीयता को कम करता है। एक गिलास पानी में 1-2 चम्मच सेब का सिरका मिलाकर पीने से एसिड रिफ्लक्स की समस्या में राहत मिलती है। हालांकि, इसका अधिक सेवन करने से बचें, क्योंकि अधिक अम्लीयता से स्थिति और बिगड़ती है।
6. पानी का सेवन
पानी पीने से पेट की अम्लता को नियंत्रण में रखा जाता है। पानी का अधिक सेवन करने से एसिड रिफ्लक्स की समस्या को कम किया जाता है। खासकर, भोजन के बीच में पानी पीने से अम्लता को निष्क्रिय करने में मदद मिलती है और पेट को शांति मिलती है।
7. हलोथी और सौंफ
हलोथी (प्योर) और सौंफ का मिश्रण एसिड रिफ्लक्स में बहुत फायदेमंद होता है। हलोथी एक आयुर्वेदिक चूर्ण है जो पेट की अम्लता को कम करता है। इसे सौंफ के साथ मिलाकर सेवन करने से सीने में जलन और अन्य पाचन समस्याओं में राहत मिलती है। आप इसे भोजन के बाद गुनगुने पानी के साथ ले सकते हैं।
8. कच्चा नारियल
कच्चा नारियल भी एसिड रिफ्लक्स के लिए एक प्रभावी घरेलू उपाय है। नारियल का पानी पेट को ठंडा करता है और अम्लता को शांत करने में मदद करता है। रोज़ कच्चा नारियल या नारियल पानी पीने से पेट में जलन और एसिड रिफ्लक्स की समस्या में सुधार हो सकता है।
9. नींबू का सेवन
नींबू पेट के एसिड को संतुलित करने में मदद करता है। हालांकि यह अम्लीय होता है, लेकिन यह शरीर में अल्कलाइजिंग प्रभाव डालता है और पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। आप एक गिलास गुनगुने पानी में एक नींबू का रस मिलाकर पी सकते हैं, इससे एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों में सुधार होता है।
10. एलोवेरा का सेवन
एलोवेरा का जूस एसिड रिफ्लक्स के इलाज के लिए बहुत प्रभावी माना जाता है। यह पेट की सूजन को कम करता है और पाचन तंत्र को शांत करता है। आप ताजे एलोवेरा के रस को पी सकते हैं या बाजार में उपलब्ध एलोवेरा जूस का सेवन करते हैं। इसे खाली पेट सेवन करने से अधिक लाभ मिलता है।
11. दही का सेवन
दही में अच्छे बैक्टीरिया होते हैं जो पेट के स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं और पाचन तंत्र को सुधारते हैं। इसका सेवन एसिड रिफ्लक्स की समस्या को कम करने में मदद करता है। आप दही को अपनी डाइट में शामिल करते हैं, यह पेट में संतुलन बनाए रखने में फायदेमंद होता है।
एसिड रिफ्लक्स कितने दिन में ठीक होता है
एसिड रिफ्लक्स की उपचार अवधि व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर करती है। हल्के मामलों में, यदि सही आहार और जीवनशैली में बदलाव किए जाएं, तो एसिड रिफ्लक्स कुछ दिनों से लेकर एक सप्ताह में ठीक होता है। लेकिन अगर समस्या गंभीर हो, तो इसका इलाज कुछ हफ्तों या महीनों तक चलता है, और दवाओं या आयुर्वेदिक उपचारों की आवश्यकता होती है। समय पर इलाज न कराने पर, यह समस्या और अधिक जटिल होती है, जिससे इलाज में अधिक समय लगता है। इसलिए, एसिड रिफ्लक्स की समस्या होने पर समय रहते उपचार लेना जरूरी है।
एसिड रिफ्लक्स में क्या खाना चाहिए
एसिड रिफ्लक्स में हल्का, सादा और पाचन में आसान भोजन करना चाहिए। तला हुआ, मसालेदार और अधिक अम्लीय भोजन से बचना चाहिए। दही, ओट्स, खिचड़ी, उबली हुई सब्जियां, और सूप जैसे हल्के खाद्य पदार्थ अच्छे विकल्प होते हैं। आप सफेद चावल, उबले आलू, मांसाहार से बचें और फल जैसे केला, सेब, और खरबूजा खाते हैं, जो अम्लता को संतुलित करने में मदद करते हैं। पानी अधिक पिएं और छोटे-छोटे भोजन करें, ताकि पेट पर ज्यादा दबाव न पड़े।
एसिड रिफ्लक्स में क्या नहीं खाना चाहिए
एसिड रिफ्लक्स में कुछ खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए, क्योंकि ये अम्लता को बढ़ाते हैं और स्थिति को और बिगाड़ती हैं। तला हुआ, मसालेदार, और अत्यधिक मिर्च वाले भोजन से बचें। नींबू, टमाटर और खट्टे फल जैसे संतरा, अंगूर आदि अम्लीय होते हैं और एसिड रिफ्लक्स को बढ़ाते हैं। कॉफी, चाय, सोडा, और शराब जैसी कैफीन या अल्कोहल वाली ड्रिंक्स से भी बचना चाहिए। इसके अलावा, चॉकलेट, प्याज़, लहसुन, और मिंट भी एसिड रिफ्लक्स को उत्तेजित करते हैं, इसलिए इन्हें सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए।

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Conclusion ( निष्कर्ष )
ध्यान दें-: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी भी नई डाइट या उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
इस लेख में हमने आपको एसिड रिफ्लक्स की आयुर्वेदिक दवा patanjali (acid reflux ki dawa) के बारे में संपूर्ण जानकारी दी हैं। आशा करता हूं एसिड रिफ्लक्स की आयुर्वेदिक दवा patanjali (acid reflux ki dawa) से जुड़ी सभी जानकारियों को अच्छी तरह समझ गए होगे।
हमारा उद्देश्य आपको स्वस्थ और तंदुरस्त रखना हैं। एसिड रिफ्लक्स की आयुर्वेदिक दवा patanjali (acid reflux ki dawa) से जुड़ी जानकारी आपको कैसी लगी हमे कॉमेंट बॉक्स के माध्यम से जरूर बताएं।
लेख को पूरा पढ़ने के लिए आपका दिल से धन्यवाद 🙏